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प्याज के बाद अब आलू के गिरते भाव ने किसान को रुलाया
उज्जैन | इस बार किसानों को आलू रूला रहा है। ४ से ६ महीने वेयर हाऊस में सुरक्षित रखे जाने के बावजूद आलू को सही दाम नहीं मिले। अब तो मंडी में हालात यह है कि न वाजिब भाव मिल रहा है और न फड़ पर जगह मिल रही है।
इन दिनों मंडी में करीब २० हजार बोरी यहां-वहां बिकवाली के लिए पड़ी है और रोज ही ३ से ४ हजार बोरी आलू की आवक हो रर्ही है। सब्जी मंडी के फड़ आलू की आवक से हाउसफुल हो गए हैं। मंडी व्यापारियों-आढ़त व्यवसाय करने वालों के अनुसार अगले माह तक किसी भी सुरत में किसानों को अपना आलू वेयर हाऊस से हटाना है क्योंकि दिसम्बर महीना बीतते ही नई फसल की आवक शुरू हो जाएगी।
ऐसे में किसानों के पास अपना आलू मंडी में भेजने के अलावा कोई विकल्प शेष नहीं बचा है। स्थिति यह है कि यहां रखा आलू तेजी से सडऩे लगा है और उचित दाम न मिलने से आलू अब किसान यहां वहां भी फेंकने लगे हैं।
मंडी में मात्र २५ रुपये बोरा बिक गया आलू
गुरुवार को चिमनगंज सब्जी मंडी में आलू निम्नतम २५ रुपये बोरा (भर्ती ६० किलो) के स्तर पर बिक गया। कारण यह कि लेवाली नहीं है और यहां २० हजार बोरे बेचने के लिए फड़ पर पड़े हैं।